: संत परम्परा की अनमोल मोती थे महंत परमहंस कृष्ण शरण
Wed, Nov 9, 2022
परमहंस कृष्ण शरण चैरिटेबल सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित हुईं श्रद्धांजलि सभा, संतो ने किया नमन
अयोध्या।श्री रामप्रिया कुंज रामकोट के बैकुंठ वासी महंत परमहंस कृष्ण शरण जी महाराज की 13 वीं पुण्यतिथि अयोध्या के संतो महंतों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि श्री महाराज जी भजनानंदी संत थे और सेवा को ही धर्म मानते थे। श्री महाराज जी हमेशा सनातन धर्म को मजबूत करने का कार्य करते रहे है। श्रीधाम अयोध्या के महान संतों में एक संत थे जो हमेशा प्रभु का नाम जपते रहते थे। परमहंस कृष्ण शरण चैरिटेबल सेवा ट्रस्ट व श्री राम प्रियाकुंज रामकोट की वर्तमान महंत डॉ स्वामी उद्धव शरण जी महाराज ने श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर कहा कि श्री गुरुदेव भगवान संत थे और कार्तिक पूर्णिमा के सुमंगल अवसर पर उनका बैकुंठ वास हुआ था आज उनके 13 वें वैकुंठ वास उत्सव को हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया जिसमें अयोध्या के संतो महंतों ने अपनी शब्द रूपी भावांजलि अर्पित की। श्री महाराज जी के बैकुंठ उत्सव पर श्री सीताराम नाम संकीर्तन और वृहद भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें अयोध्या के संतों महंतों को प्रसाद पवाया गया। श्रद्धांजलि सभा में दशरथ महल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य, जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण , बड़ा भक्तमाल के उत्तराधिकारी महंत अवधेश कुमार दास , नागा राम लखन दास पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास, रसमोद कुंज के महंत रामप्रिया शरण ,श्री राम आश्रम के महंत जयराम दास , महंत बृजमोहन दास, महंत राम कुमार दास, रामकृष्ण मंदिर से महामंडलेश्वर महंत गणेशानंद , महंत राममिलन शरण सहित सैकड़ों संतो महंतों ने श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
: राम मंदिर के पक्ष में फैसले का तीसरा वर्षगांठ, अयोध्या में बांटी गई मिठाई
Wed, Nov 9, 2022
हनुमान बाग में रहा जश्न का माहौल, ऐतिहासिक दिन को उत्सव के रुप में मनाया गया
9 नवंबर 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा राम जन्मभूमि के पक्ष में सुनाया गया था फैसला, भव्य और दिव्य भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण का भक्त कर रहे इंतजार
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या 9 नवंबर 2019 की स्थिति को कभी भूल नहीं सकती क्योंकि आज ही के दिन मंदिर मस्जिद का विवाद समाप्त हुए आज 3 वर्ष पूरे हो रहे हैं। और आज भगवान श्री राम की भव्य मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। दिसंबर 2023 तक भगवान के भव्य और सुंदर मंदिर निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो जाएगा और मकर संक्रांति 2024 में भगवान श्री राम लला उस स्थान पर दिव्य मंदिर के बीच विराजमान जी हो जाएंगे।
आज इस ऐतिहासिक तिथि पर रामनगरी अयोध्या में जश्न का माहौल रहा। मठ मंदिरों में मिठाइयां बाट कर खुशी का इजहार किया गया। प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में महंत जगदीश दास महाराज की अगुवाई में सुबह से ही सभी को मिठाइयां बाटना शुरु कर दिया गया था जो देर शाम तक चलता रहा। पूरे मंदिर में चारों तरह खुशियों की बौछार थी। हर कोई एकदूसरे को ऐतिहासिक दिवस की बधाई दे रहा था। महंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि राम जन्मभूमि पर भगवान के दिव्य मंदिर की परिकल्पना आज से 500 वर्ष पूर्व लाखों भक्तों की इच्छा थी। लेकिन हिंदू मुस्लिम विवाद में राम नगरी अयोध्या भगवान श्री राम के जन्म स्थान को सुरक्षा के कड़े जंजीरों में कैद कर दिया था या इतिहास नवंबर 2019 को फिर बदला और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर राम जन्मभूमि परिसर में विराजमान भगवान श्री राम लला को आजाद कर उसी स्थान पर भव्य और दिव्य मंदिर का कार्य प्रारंभ शुरू हो गया है। लाखों राम भक्तों का सपना पूरा होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज के इस महत्वपूर्ण तिथि को लेकर अयोध्या के लोगों में काफी उत्साह है। और इसी उत्साह को लेकर अयोध्या के साधु संत मिठाई बांटकर खुशियां मना रहे हैं। इस मौके पर सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री आदि लोग मौजूद रहें।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि 9 नवंबर 2019 को 500 वर्ष लंबे संघर्ष के बाद रामलला के पक्ष में फैसला आया था जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि आप बहुत संख्यक समाज के लिए होली और दीपावली रामनवमी से भी बड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि इसीलिए हमने इसीलिए साधु-संतों श्रद्धालुओं में मिष्ठान बांटकर खुशी मनाई है। आज के दिन को न्याय दिवस के रूप में हम मानते हैं श्रद्धालुओं से अपील किया कि सभी राम भक्तों 9 नवंबर को न्याय दिवस के रूप में मनाएं इसके अलावा जगत गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि 9 नवंबर को न्याय दिवस के रूप में घोषित किया जाए।
: रामभक्तों की सुविधा के लिए बढ़ाई गयी दर्शन अवधि
Wed, Nov 9, 2022
शाम 7 बजे तक भक्त कर सकेंगे रामलला का दर्शन
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के कारण राम भक्तों के आने की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है. प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु राम नगरी पहुंचते हैं और अपने आराध्य के मंदिर के निर्माण से रूबरू होते हैं वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से हर दिन ये प्रयास किया जाता है कि रामनगरी आने वाला हर भक्त प्रभु श्रीराम का दर्शन कर सकें। इस बार ट्रस्ट की ओर से रामलला के दर्शन मार्ग पर ही राम झरोखे का निर्माण कराया गया है, जहां से लोग राम मंदिर निर्माण आसानी से देख पाते हैं. इसके साथ ही ट्रस्ट ने रामनगरी आने वाले भक्तों के लिए एक और सौगात दी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक, रामलला के दर्शन अवधि में डेढ़ घंटे की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही रामलला की तीन प्रमुख आरती में श्रद्धालुओं को शामिल किए जाने की भी योजना है। राय का कहना है कि जागरण आरती सुबह 6ः30 बजे की जाएगी जिसमें 30 राम भक्त शामिल हो सकेंगे. इसके अलावा दर्शन सुबह 7 बजे से प्रथम पाली में राम भक्तों के लिए खोला जाएगा जिसमें प्रथम पाली में आधे घंटे की बढ़ोतरी की गई है. अब रामलला के दर्शन सुबह 11 बजे की बजाए 11ः30 बजे तक कर सकेंगे. इसी तरह दूसरी पाली में 1 घंटे की दर्शन अवधि बढ़ाई गई है. दोपहर 2 बजे भगवान रामलला का मंदिर राम भक्तों के लिए खुलेगा. राम भक्त शाम 7 बजे तक रामलला का दर्शन कर सकेंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ सालों से अयोध्या में बड़ी संख्या में राम भक्त पहुंच रहे हैं. भीड़ बढ़ने के कारण काफी संख्या में राम भक्त रामलला के दर्शन से वंचित हो जा रहे थे. ऐसे में श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट ने तय किया कि रामलला के दर्शन अवधि का समय बढ़ाया जाए. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय पर पूर्व में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करते शामिल होना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद सुबह की जागरण आरती में 30 श्रद्धालु और दोपहर की भोग आरती में 30 श्रद्धालु शामिल हो सकेंगे.वहीं, शाम 7ः30 बजे की भोग आरती में 60 राम भक्त शामिल हो सकेंगे. इस तरह राम लला की आरती में पूरे दिन में 120 लोग अलग-अलग समय पर शामिल किए जाएंगे।