श्रीरामलीला में श्रीसीताराम विवाहोत्सव और राम कलेवा का भव्य मंचन, संत- : भगवदाचार्य स्मारक सदन की ऐतिहासिक रामलीला में विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, राममय हुआ पूरा परिसर
admin
Tue, Oct 13, 2026
श्रीरामलीला में श्रीसीताराम विवाहोत्सव और राम कलेवा का भव्य मंचन, संत-महंतों की रही गरिमामयी उपस्थिति
भगवदाचार्य स्मारक सदन की ऐतिहासिक रामलीला में विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, राममय हुआ पूरा परिसर
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के भगवदाचार्य स्मारक सदन में आयोजित पौराणिक एवं ऐतिहासिक श्रीरामलीला के छठवें दिवस श्रीसीताराम विवाहोत्सव एवं राम कलेवा प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया। धार्मिक परंपराओं, मर्यादा और सनातन संस्कृति की अनुपम छटा के बीच आयोजित इस उत्सव में पूज्य संत-महंतों, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरे आयोजन का वातावरण श्रीराम के जयघोष और भक्ति भाव से ओतप्रोत नजर आया।
भगवदाचार्य स्मारक सदन की श्रीरामलीला अपनी पौराणिक परंपरा और ऐतिहासिक महत्ता के लिए विशिष्ट पहचान रखती है। यहां रामकथा के प्रसंगों का मंचन केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, आदर्श जीवन और मर्यादा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी बनता है। श्रीसीताराम विवाहोत्सव इसी परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा। विवाह प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम और माता सीता के आदर्श दांपत्य, समर्पण तथा धर्ममय जीवन की प्रेरणा प्राप्त की।
विवाहोत्सव के साथ राम कलेवा की परंपरा ने आयोजन को विशेष धार्मिक गरिमा प्रदान की। राम कलेवा भारतीय लोकाचार और वैवाहिक संस्कारों से जुड़ी ऐसी परंपरा है, जिसमें आत्मीयता, स्नेह और पारिवारिक संबंधों की मधुरता का भाव निहित है। रामलीला के इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की दिव्य स्मृतियों से जोड़ते हुए रामकथा की सांस्कृतिक विरासत का स्मरण कराया।
कार्यक्रम में जगद्गुरु रामानंदाचार्य वैदेहीवल्लभ देवाचार्य महाराज शेषमठ शिंगड़ा पोरबंदर गुजरात की उपस्थिति विशेष रही। इसके अतिरिक्त संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति के महामंत्री व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास महाराज, श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास महाराज, श्रीनिवास कोट मातगैंड के महंत धर्मेन्द्र महाराज, राम कचेहरी के महंत शशिकांत दास महाराज तथा लंबे हनुमान के महंत छविराम दास महाराज सहित अनेक संत-महंतों ने अपनी उपस्थिति से आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
इस अवसर पर नागा रामलखन दास महाराज, महंत धनुषधारी शुक्ला,पंडित अनिरुद्ध शुक्ला, ओमप्रकाश पांडेय, घनश्याम दास, राजीव रंजन पांडेय, अंबिका दास, तन्मय दास , दीपचंद राही, छात्र नेता देवव्रत पांडेय तथा समिति के सचिव शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पूज्य संत-महंत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रीरामलीला के छठवें दिवस का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और रामभक्ति का सुंदर संगम बना। श्रीसीताराम विवाहोत्सव एवं राम कलेवा के प्रसंग ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि प्रभु श्रीराम का जीवन आदर्श, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी प्रेरणा है, जो हर युग में समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन