Sunday 1st of November 2026

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हनुमानगढ़ी स्थित आश्रम में जुटे संत-महंत और राजनीतिक हस्तियां, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी कर चुके थे आश्रम

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संत परंपरा और संगठन निष्ठा के प्रतीक थे महंत मनमोहन दास,3 पुण्यतिथि : हनुमानगढ़ी स्थित आश्रम में जुटे संत-महंत और राजनीतिक हस्तियां, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी कर चुके थे आश्रम

संत परंपरा और संगठन निष्ठा के प्रतीक थे महंत मनमोहन दास, तीसरी पुण्यतिथि पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

हनुमानगढ़ी स्थित आश्रम में जुटे संत-महंत और राजनीतिक हस्तियां, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी कर चुके थे आश्रम का दौरा

अयोध्या। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं हनुमानगढ़ी के उज्जैनिया पटी के साकेतवासी महंत मनमोहन दास की तीसरी पुण्यतिथि पर संतों, धर्माचार्यों और राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। हनुमानगढ़ी स्थित उनके आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बड़ी संख्या में संत-महंत, समाजसेवी और भाजपा नेताओं ने पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान वक्ताओं ने उनके संगठनात्मक कौशल, सामाजिक योगदान और संत परंपरा के प्रति समर्पण को याद किया।श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि महंत मनमोहन दास का व्यक्तित्व आध्यात्मिक चेतना और राजनीतिक संगठनात्मक क्षमता का अनूठा संगम था। उन्होंने संत परंपरा का निर्वहन करते हुए सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी में जिलाध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन करते हुए उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कार्यशैली, स्पष्ट विचार और प्रभावशाली वक्तृत्व क्षमता के कारण राजनीतिक एवं धार्मिक जगत में उनकी अलग पहचान थी।

महंत मनमोहन दास का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव इस बात से भी समझा जा सकता है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी भी उनसे मिलने उनके आश्रम पहुंचे थे। यह उनके व्यापक संपर्क और व्यक्तित्व की स्वीकार्यता का प्रमाण माना जाता है। वे केवल एक संगठनात्मक पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि संत समाज की परंपराओं और मर्यादाओं के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे।

समारोह में उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली के श्रीमहंत डॉ. भरत दास, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी बल्लभाचार्य, खाक चौक के श्रीमहंत बृजमोहन दास, महंत राम कुमार दास, पुजारी रमेश दास, सूर्यभान दास और मामा दास सहित अनेक संत-महंतों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा नेता अभिषेक मिश्रा सहित अन्य राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी पहुंचकर उन्हें नमन किया। आश्रम पहुंचने वाले अतिथियों का स्वागत अभिषेक दास गुलशन बाबा और धीरज दास ने किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने महंत मनमोहन दास के जीवन से प्रेरणा लेते हुए उनके आदर्शों, सामाजिक सरोकारों और संगठन के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

तीसरी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संत समाज और राजनीतिक क्षेत्र की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि व्यक्ति भले ही देह रूप में संसार में मौजूद न हो, लेकिन उसके विचार, कर्म और योगदान लोगों के हृदय में सदैव जीवित रहते हैं।

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