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: गुरुदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे, वह संत और गौ सेवी रहे: डॉ. ममता शास्त्री

बमबम यादव

Tue, Aug 5, 2025
गुरुदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे, वह संत और गौ सेवी रहे: डॉ. ममता शास्त्री जगतगुरु स्वामी रामानंदजी का मंदिर दर्शन भवन जानकीघाट में संतों ने पूर्व सांसद ब्रह्मचारी विश्वनाथ दास शास्त्री जी को नमन किया अयोध्या। सुप्रसिद्ध पीठ जगतगुरु स्वामी रामानंदजी का मंदिर दर्शन भवन जानकीघाट, अयोध्याधाम के पूर्वाचार्य महंत एवं पूर्व सांसद ब्रह्मचारी विश्वनाथ दास शास्त्री महाराज को संतों ने नमन किया। अवसर श्रावण शुक्ल दशमी तिथि पर उनके 10वें पुण्यतिथि महोत्सव का रहा। जो मठ में निष्ठापूर्वक मनाई गई। संतों ने उन्हें श्रद्धा से याद किया। पुण्यतिथि महोत्सव पर मंदिर में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रामनगरी के विशिष्ट संतों ने मठ में स्थापति पूर्व सांसद विश्वनाथ दास शास्त्री महाराज के विग्रह पर सोमवार को श्रद्धासुमन अर्पित किया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संतों ने पूर्व सांसद के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। पुण्यतिथि पर काफी संख्या में साधु-संत व मंदिर से जुड़े शिष्य-अनुयायी, परिकरों ने प्रसाद ग्रहण किया। जगतगुरु स्वामी रामानंदजी का मंदिर दर्शन भवन की वर्तमान पीठाधिपति महंत डॉ. ममता शास्त्री द्वारा पधारे हुए साधु-संत और विशिष्टजनों का स्वागत-सत्कार किया गया। इस अवसर पर दर्शन भवन पीठाधीश्वर महंत डॉ. ममता शास्त्री ने कहा कि आश्रम में गुरुदेव पूर्व सांसद व महंत ब्रह्मचारी विश्वनाथ दास शास्त्री महाराज की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। यह गुरुदेव की 10वीं पुण्यतिथि रही। तदुपरांत अयोध्याधाम के प्रतिष्ठित संतों द्वारा जेवनार गायन किया गया। उसके बाद संतों ने पुण्यतिथि महोत्सव पर प्रसाद पाया। डॉ. ममता शास्त्री ने कहा कि गुरुदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। वह संत और गौ सेवी रहे। उनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। सरलता तो उनमें देखते ही झलकती थी। उन्होंने सेवा को ही अपना धर्म माना और उसी को अंगीकार किया। उनके अंदर संतत्व के सारे गुण थे। रामनगरी के सभी संत-महंत महंत उनका आदरपूर्वक सम्मान करते रहे। गुरुदेव हम सबके बीच में नही हैं। लेकिन उनकी यश-कीर्ति सदैव हम लोगों के साथ रहेगी। उनके रिक्त स्थान की पूर्ति कभी नही की जा सकती है। मठ में गौ, संत, विद्यार्थी, अतिथि सेवा सुचार रूप से चल रही है। सभी उत्सव, समैया, त्योहार आदि परंपरागत रूप से मनाया जा रहा है। इस मौके पर अयोध्या विधायक के सुपुत्र अमल गुप्ता, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक मिश्रा, विजय राज उर्फ चुलबुल, बालकृष्ण वैश्य समेत अन्य विशिष्टजन एवं मंदिर से जुड़े शिष्य-अनुयायी, परिकर मौजूद रहे।

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