Friday 1st of May 2026

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अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

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रामनगरी में 2 हजार करोड़ रूपये की भूमि का बड़ा घोटाला : मामला दियरा स्टेट की हजारों करोड़ की जमीन का, राजा ने की मुख्यमंत्री से न्याय की मांग

रामनगरी में 2 हजार करोड़ रूपये की भूमि का बड़ा घोटाला

मामला दियरा स्टेट की हजारों करोड़ की जमीन का, राजा ने की मुख्यमंत्री से न्याय की मांग

दियरा स्टेट के राजा बृजेन्द्र प्रताप शाही व शरद पाठक 'बाबा' ने की संयुक्त प्रेस वार्ता

दियरा स्टेट राजा बृजेन्द्र प्रताप शाही व राज परिवार मिलेगा प्रदेश के सीएम योगी से: शरद पाठक 'बाबा'

अयोध्या। दियरा स्टेट के वर्तमान उत्तराधिकारी राजा बृजेन्द्र प्रताप शाही ने कहा कि स्टेट की रियासत 336 गाँव में फैली है जिसमें अयोध्या जनपद की भूमि जिसकी कीमत लगभग 2 हजार करोड़ रूपये से अधिक है, को फर्जी दस्तावेजो और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देवकाली, नियावां, खोजनपुर, जनौरा, रानोपाली, अंकारीपुर टण्डौली, मांझा जमथरा, मऊशिवाला, फैजाबाद शहर, ककरही बाजार आदि में शिवेन्द्र प्रताप शाही ने कूट रचना करके दियरा स्टेट की जमीनों को लोगो के साथ मिलकर फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिये राजस्व कर्मियों की मदद से अपंजीकृत एक फर्जी तरीके से कूट रचित नियुक्ति पत्र और जाली हस्ताक्षर का सहारा लेकर खुद को राजा जगदीश प्रताप शाही के भतीजे बताते हुए राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज कर लिया था जबकि राजा जगदीश प्रताप शाही के तीन पुत्र है। स्व० रामानुज प्रताप शाही, बृजेन्द्र प्रताप शाही, मारूतेन्द्र प्रताप शाही इसके अलावा राजा जगदीश प्रताप शाही के कोई पुत्र नही था जिसमें राजा रामानुज प्रताप शाही की मृत्यु हो चुकी है मेरे छोटे भाई मारूतेन्द्र प्रताप शाही वर्तमान में लखनऊ में निवास करते है इस समय उक्त राज परिवार का मैं ही मुखिया और सरवराहकार हूँ। शिवेन्द्र प्रताप शाही की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी प्रतिभा शाही पुत्र प्रणय शाही और प्रतीक शाही के द्वारा पुनः कूटरचना करके इन जमीनों की वरासत अपने-अपने नाम चढ़वाने का प्रयास कर रहे है और उनके द्वारा जमीनों को फर्जी तरीके से बेचा जा रहा है और एग्रीमेंट भी किया जा रहा है जो पूरी तरह गलत और फर्जी है उक्त फर्जी नियुक्ति पत्र पर की गई फर्जी हस्ताक्षर को हैंडराइंटिंग व सिग्नेचर विशेषज्ञ ने स्पष्ट प्रमाण दिया कि मेरे पिता राजा जगदीश प्रताप शाही के हस्ताक्षर असली नही है और न ही कहीं व रजिस्टर्ड है और न ही उस नियुक्ति पत्र पर किसी गवाह के हस्ताक्षर है जबकि किसी भी भूमि का मालिकाना हक सिर्फ वसीयत, वरासत, बैनामा और दानपत्र के द्वारा ही हस्तांतरित किया जा सकता है। इस फर्जीवाड़े के बाद हमारी कीमती भूमि को मनमाने ढंग से एग्रीमेंट किया जा रहा है और मनमाने ढंग से बेचा जा रहा है और शिवेन्द्र प्रताप शाही के पुत्रगण प्रतीक शाही, प्रणय शाही और पत्नी प्रतिभा शाही के द्वारा अवैध रूप से लाभ लिया जा रहा है।

राजा बृजेन्द्र प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश के एडीजी एक वरिष्ठ अधिकारी नामाला रविन्द्र की पत्नी नामाला इंद्राणी के नाम भी लगभग 350 करोड़ की जमीन औने-पौने दाम पर एंग्रीमेंट और बैनामा की गई है। दियरा स्टेट की देवकाली आदि स्थानों पर अवैध निर्माण को अयोध्या विकास प्राधिकरण के द्वारा बिना पर्याप्त जांच किये कई जमीनों पर नक्शा पास कर दिया गया। आज स्थिति यह है कि मैं और मेरा परिवार अपनी ही पैतृक संपत्ति में कदम तक नहीं रख पा रहे है हमे बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं पूरे विश्वास के साथ यह कहना चाहता हूँ कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूर्ण उम्मीद है कि इस घोटाले में शामिल हर एक जालसाज और भ्रष्टाचारियों को जेल भेजवाकर हमें न्याय दिलाऐंगे। जिससे हमारी उक्त सभी गाँव की भूमि हमें मिल सके मुख्यमंत्री जी की भ्रष्टाचार के प्रति जीरों टॉलरेंस नीति हमारे जैसे पीडितों की सबसे बड़ी आस है।

राजा बृजेन्द्र प्रताप शाही ने कहा कि दियरा स्टेट का एक गौरवशाली इतिहास रहा है जिसमें भगवान श्री राम की कुल देवी मां भगवती बड़ी देवकाली मंदिर, मऊ शिवाला में शिव मंदिर, सुल्तानपुर स्थित धोपाप मंदिर जिसके बारे में पुराणों में वर्णित है कि रावण वध के बाद भगवान श्रीराम गुरू वशिष्ठ के निर्देशानुसार वहां पर ब्रह्म हत्या से मुक्ति के लिये स्नान किया और स्नान के बाद वहां दीप प्रज्जवलित किया,इस लिये हमारे स्टेट का नाम दियरा स्टेट पड़ा। दियरा स्टेट की धरोहर बच सकें और मुझे न्याय मिल सके तथा मेरे परिवार व सहयोगियों की सुरक्षा व्यवस्था हो सकें।

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