रामनगरी में शानोशौकत से निकला जुलूस ए मोहम्मदी : सर्व धर्म समभाव के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया के नेतृत्व में जुलूस पर हुई पुष्प वर्षा
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Thu, Sep 4, 2025
रामनगरी में शानोशौकत से निकला जुलूस ए मोहम्मदी
सर्व धर्म समभाव के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया के नेतृत्व में जुलूस पर हुई पुष्प वर्षा
मोहम्मद आजम कादरी ,अभिराम दास वार्ड के पार्षद सुल्तान अंसारी व मोहम्मद इमरान अंसारी ने किया स्वागत
हजरत रसूल उल्लाह मोहम्मद सल्लाह औह-आलै वसल्लम को खुदा ने पैदा करके इंसानों की हिदायत के वास्ते जमीं पर भेजा ताकि वह लोगों को उम्दा तालीम देकर उन्हें नेक इंसान बनाये: नन्हे मिंया
अयोध्या। साल के 12 महीनों में वैसे तो हर माह कोई न कोई मुस्लिम त्योहार मनाया ही जाता है लेकिन इस माह यानी ईदमिलादुन्नबी बारावफात अन्य त्योहारों से अफजल खास माना जाता है। इसका कारण यह है कि इस माह की चाँद की 12 तारीख को इस्लाम मजहब के बानी हजरत मोहम्मद साहब की पैदायश हुई और इसी रबी उल अव्वल को आप इस दुनिया से रुखसत भी हुए। बारावफात का यह उत्सव रामनगरी बड़े ही सादगी के साथ मनाया गया। रामनगरी के समाजसेवी सर्व धर्म समभाव के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया कहते है हजरत रसूल उल्लाह मोहम्मद सल्लाह औह-आलै वसल्लम को खुदा ने पैदा करके इंसानों की हिदायत के वास्ते जमीं पर भेजा ताकि वह लोगों को उम्दा तालीम देकर उन्हें नेक इंसान बनाये। यह सिलसिला हजरते आदम से शुरू हुआ और लगभग 124000 नबी और रसूल तशरीफ लाये। उनमें सबसे आखिर में आज से साढ़े चौदह सौ साल पहले 20 अप्रैल 571 ईसवी मुताबिक आज के दिन 12 रबी-ए-उल-अव्वल पीर सुबह अरब के मक्का शहर में हजरते आमना खातून के मुबारिक शिकम पेट से मोहम्मद साहब पैदा हुये।
मोहम्मद आजम कादरी ने कहा कि मोहम्मद साहब ने हमेशा अमन और शान्ति कायम करने की बात की। कभी भी आपने किसी पर जुलमन तलवार नहीं उठायी। आपने हमेशा कमजोरों गरीबों और मजलूमों की मदद की भूखों को खाना खिलाया और नंगों को कपड़ा पहनाया। आपकी कुल उम्र 63 साल की हुई अल्लाह ने आपको जिस मक़सद के तहत दुनिया में भेजा था वह आपने बहुत ही खूबसूरती के साथ अंजाम तक पहुँचाया। अभिराम दास वार्ड के पार्षद सुल्तान अंसारी ने कहा कि आज पूरी दुनिया में इस्लाम मजहब के मानने वाले पाये जाते हैं। मोहम्मद साहब पर अपनी जान कुर्बान करने वाले हर साल 12 रवी-उल-अव्वल को ईदमिलादुन्नवी का जुलूस निकालकर शहर व शहर ईद-उल-मिलादुन्नवी की महफ़िले सजाकर उनकी बारगाह में खिराजे अकीदत पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि हजरत का मज़ार अरब शहर के मदीना शरीफ में है। हर वर्ष हज यात्रा के दौरान दुनिया के हर कोने से लाखों लोग यहाँ तशरीफ लाकर आपके मजारे-शरीफ का दीदार करते हुए सुकून हासिल करते हैं। इस मौके पर मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे भाई, आजम कादरी, पार्षद सुल्तान अंसारी,मोहम्मद इमरान अंसारी, मोहम्मद कैफ, महताब खान, हाफिज मोहम्मद असलम, हाजी अच्छन खा, शैलेंद्र मणि पाणेय, हाजी असद अहमद, हाजी सईद अहमद, शेरु खां, शोयब खान, सारिक खान, कमील सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
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