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होम स्टे के लिए सरकार ने बदली व्यवस्था : घर के एक से छह कमरों तक की इकाई को बना सकेंगे होम स्टे

बमबम यादव

Wed, Aug 20, 2025

होम स्टे के लिए सरकार ने बदली व्यवस्था


घर के एक से छह कमरों तक की इकाई को बना सकेंगे होम स्टे
-बेड एंड ब्रेकफास्ट व होम स्टे नीति-2025 मंजूर
-ग्रामीण इलाको में 750 व शहरी इलाकों में 2000 रूपये में होंगे आवेदन
-यूपी टूरिज्म की वेबसाइट पर लोगों को करना होगा आवेदन

अयोध्या। रामनगरी में पर्यटकों की आमद अयोध्यावासियों की बल्ले-बल्ले करा सकती है। क्योंकि योगी सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में मंजूर की गई बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होम स्टे नीति-2025 के तहत अब कोई भी व्यक्ति अपने घर के एक से छह कमरों तक की इकाई को होम स्टे के रूप में रजिस्टर करा सकता है। इस नीति का उद्देश्य राज्य के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सस्ती और सुविधाजनक ठहरने की सुविधा प्रदान करना है। इसके साथ ही, इस नीति से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। होम स्टे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। पहले होम स्टे संचालकों को केंद्र सरकार के निधि प्लस पोर्टल पर पंजीकरण कराना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय निकायों की अनापत्ति के साथ यूपी टूरिज्म की वेबसाइट  www.uptourism.go.in पर आसानी से आवेदन किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे के लिए आवेदन शुल्क 500 से 750 रुपये और शहरी या सिल्वर श्रेणी के होम स्टे के लिए 2000 रुपये निर्धारित किया गया है। यह कदम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और अधिक सुलभ और किफायती बनाता है। नई नीति के तहत होम स्टे में अधिकतम 12 बिस्तरों की अनुमति होगी, जिसमें एक से छह कमरों तक की इकाई शामिल हो सकती है। पर्यटक इस सुविधा का लाभ लगातार सात दिनों तक ले सकते हैं, और यदि आवश्यक हो तो नवीनीकरण की व्यवस्था भी उपलब्ध है। अनुमति की प्रक्रिया जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अगुवाई वाली कमेटी द्वारा पूरी की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी। खासकर अयोध्या में होम स्टे की मांग तेजी से बढ़ रही है। धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में उभर रही अयोध्या में रोजाना नए होम स्टे के लिए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। अब तक जिले में 1146 होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ठहरने की समस्या को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारी बृजपाल सिंह ने बताया कि अयोध्या में पर्यटन और होम स्टे की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। सरकार के लिए गए निर्णय से योजना में पारदर्शिता आएगी। इसके साथ ही स्थानीय लोग होम स्टे के लिए आवेदन कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।

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