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संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

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: उदारता सरलता के साक्षात स्वरूप थे महंत विजयराम दास: मयंक रामदास

बमबम यादव

Wed, Oct 16, 2024

श्री विजयराम भक्तमाल के महंत को अर्पित की गई श्रद्धांजलि

78 वर्ष की अवस्था में 12 अक्टूबर को हुआ था साकेतवास

अयोध्या। प्रसिद्ध पीठ श्रीविजयराम भक्तमाल रामघाट में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। शोकसभा की अध्यक्षता बड़ाभक्तमाल के वयोवृद्ध महंत कौशलकिशोर दास महाराज एवं संचालन महंत रामशरण दास रामायणी ने किया। श्रीविजयराम भक्तमाल के महंत रहे विजयराम दास महाराज का 78 वर्ष की अवस्था में विगत 12 अक्टूबर को साकेतवास हो गया। जिन्हें लोग भईयाजी के नाम से भी जानते थे। वह इसी नाम से प्रसिद्ध रहे। महाराजश्री के साकेतवास उपरांत विजयराम भक्तमाल में शोकसभा आयोजित हुई। जिसमें रामनगरी के संत-महंतों ने महंत विजयराम दास महाराज के प्रति अपनी भावांजलि अर्पित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मणिरामदास दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास महाराज ने कहा कि साकेतवासी महंत अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत रहे। भगवान श्रीराम सीता के प्रति उनकी अटूट भक्ति रहे। वह आज हमारे बीच में नही हैं। भगवान उन्हें अपने चरणों में स्थान दें। संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने कहा कि महाराज श्री के बारे में जितना कहा जाए वह कम ही होगा। उनके जाने का बहुत दुख है। भविष्य में उस रिक्त स्थान की पूर्ति कभी नही की जा सकती है। बड़ाभक्तमाल के महंत स्वामी अवधेश कुमार दास ने कहा कि महंत विजयराम दास महाराज गौ एवं संत सेवी रहे। सरलता तो उनमें देखते ही झलकती थी। उनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। एक संत में जो संतत्व के गुण होते हैं, वह उनमें थे। महाराजश्री अब हम लोगों के बीच नही हैं, जिसका हम सबको बहुत ही अफसोस है। उनके जाने से पूरा संत समाज दुखी है। साकेतवासी महंत विजयराम दास महाराज के कृपापात्र शिष्य उत्तराधिकारी मयंकराम दास ने कहा कि गुरूदेव के साकेतवास हो जाने से हम सबको बहुत पीड़ा है, जिसको हम बयां नही कर सकते हैं। गुरूदेव के पदचिंहों पर चलने का प्रयास करेंगे। शोकसभा में बड़ाभक्तमाल के वयोवृद्ध महंत कौशलकिशोर दास, महंत रामकुमार दास, महंत माधवदास रामायणी, महंत सीताराम दास महात्यागी, रसमोदकुंज के महंत रामप्रिया शरण, महंत सच्चिदानंद दास, हनुमानगढ़ी के पुजारी हेमंत दास, नागा रामलखन दास, महंत विनोद दास, महंत नारायण दास, महंत रामकिशोर दास, महंत भूषण दास, विद्याभूषण, अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज आदि संत-महंत मौजूद रहे।

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