: संत परम्परा की अनमोल धरोहर है परमहंस राममंगल दास
बमबम यादव
Thu, Mar 13, 2025
संत परम्परा की अनमोल धरोहर है परमहंस राममंगल दास
गोकुल भवन के संस्थापक परमहंस राम मंगल दास जी महाराज की 132वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
अयोध्या। रामनगरी के चुनिंदा संतो में एक परमहंस राम मंगल दास जी का प्रकाशोत्सव जन्मोत्सव बड़े ही हावभाव के साथ मनाया गया। अयोध्या के सिद्ध पीठ गोकुल भवन के संस्थापक परमहंस राम मंगल दास जी महाराज की 132वीं जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। परमहंस राम मंगल दास जी महाराज सभी धर्मों को मानने वाले सद्भाव के प्रतिमूर्ति थे उनका मानना था कि ईश्वर एक है और हर प्राणियों में ईश्वर का वास होता है इसलिए सभी व्यक्तियों का सम्मान करना चाहिए। परमहंस राममंगल दास जी संत परम्परा की अनमोल धरोहर है। मनुष्य किसी का निरादर करता है उसको ईश्वर कभी अपना नहीं समझता यही कारण है कि राम मंगल दास जी महाराज मनुष्यों के साथ-साथ सभी जीव जंतुओं में ईश्वर भाव को देखते थे और सभी का आदर सम्मान सर्वधर्म समभाव के साथ करते थे।
गोकुल भवन श्रीअयोध्या में विश्व विभूति लोकोत्तर महापुरुष सर्वधर्म समभाव के प्रतीक अनन्त श्री सद्गुरुदेव कृपा पुरुषोत्तम भगवान परमहंस श्रीराममंगलदासजी महाराज का 132वाँ जन्मोत्सव परम्परागत रूप से मनाया गया। जिनका प्रादुर्भाव फाल्गुन कृष्ण दशमी तदनुसार 12 फरवरी 1893 को ग्राम ईश्वरवारा जिला सीतापुर उ.प्र. में हुआ था। भव्य भण्डारे में विभिन्न जनपदों एवं प्रान्तों से पधारे हुए सहस्त्रों भक्त समुदाय ने सास्था भगवत् प्रसाद ग्रहण किया। यह समस्त आयोजन आश्रम के वर्तमान पीठाधीश्वर महान्त परशुरामदास जी की अभिभावकीय अध्यक्षता में सुसम्पन्न हुए। जिसमें दूर दराज से महाराज जी के शिष्य।आये हुए अतिथियों का स्वागत मंदिर के अधिकारी राकेश दास ने किया। इस मौके पर रायबरेली सुल्तानपुर अकबरपुर बस्ती गोरखपुर सहित पूरे भारत से हजारों की संख्या में लोग शोभायात्रा में शामिल हुए। और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया
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