Saturday 2nd of May 2026

ब्रेकिंग

संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

सीताराम विवाहोत्सव को लेकर मठ मंदिर वाले परेशान, प्रशासनिक एडवाइजरी का : कहा, बारात तो शाम को निकलती है, लेकिन उसकी तैयारी सुबह से ही शुरू हो जाती है

सीताराम विवाहोत्सव को लेकर मठ मंदिर वाले परेशान, प्रशासनिक एडवाइजरी का इंतजार 

पीएम मोदी के अयोध्या आने के कारण प्रशासन द्वारा सख्त पाबंदियां लगाई जानी तय, ऐसे में राम बारात निकालने वाले मंदिरों और आयोजकों में असमंजस की स्थिति 

कहा, बारात तो शाम को निकलती है, लेकिन उसकी तैयारी सुबह से ही शुरू हो जाती है

 बैंड-बाजे वाले, लाइट लगाने वाले, बग्गी संचालक और दिल्ली से आने वाले राम-सीता की भूमिका निभाने वाले कलाकार उसी दिन पहुंचते हैं

अयोध्या। रामनगरी के संत साधक अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के हर उत्सव को बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। इन्हीं पर्वों में सबसे प्रमुख और बहुप्रतीक्षित है प्रभु श्रीराम का मंगल विवाह महोत्सव, जिसका इंतजार भक्तजन पूरे वर्ष करते हैं।इस वर्ष यह आयोजन 25 नवंबर को होना है। परंपरा के अनुसार इस दिन अयोध्या के लगभग एक दर्जन प्रमुख मंदिरों से प्रभु श्रीराम की भव्य बारात नगर भ्रमण को निकलती है। देश के कोने-कोने से बैंड-बाजे, बग्गियां, कलाकार और रामलीला मंडलियां इसमें सम्मिलित होती हैं। तैयारियां एक माह पूर्व से ही प्रारंभ हो जाती हैं और 24, 25 नवंबर अंतिम चरण में रहती है।लेकिन इस वर्ष हम यह तो नहीं कह सकते की विवाह महोत्सव पर ग्रहण लगने वाला है, लेकिन इतना तो कह ही सकते हैं की पाबंदियां सख्त रहेगी क्योंकि उसी दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। सुरक्षा कारणों से प्रशासन द्वारा सख्त पाबंदियां लगाई जानी तय मानी जा रही हैं। ऐसे में राम बारात निकालने वाले मंदिरों और आयोजकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। 

रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध मंदिरों में शुमार जानकी महल ट्रस्ट का सीताराम विवाहोत्सव की धमक पूरे देश में रहती है। यहां का विवाह अपने आप में बेहद खास है। मंदिर में भगवान राम को दुल्हा सरकार के रुप में पूजते हैं ये किशोरी जी का मायका है।जानकी महल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं राम विवाह कार्यक्रम के संयोजक आदित्य सुल्तानिया ने बताया कि अयोध्या में प्रधानमंत्री का स्वागत करना हम सबके लिए सौभाग्य की बात है। पांच सौ वर्षों से प्रतीक्षित श्रीराम मंदिर का यह ऐतिहासिक क्षण पूरे देश के लिए हर्ष का विषय है। लेकिन इसके साथ ही परंपरागत रूप से होने वाले राम विवाह महोत्सव की तैयारियों पर असमंजस की स्थित बनी हुई है। उन्होंने कहा बारात तो शाम को निकलती है, लेकिन उसकी तैयारी सुबह से ही शुरू हो जाती है। हमारे साथ बैंड-बाजे वाले, लाइट लगाने वाले, बग्गी संचालक और दिल्ली से आने वाले राम-सीता की भूमिका निभाने वाले कलाकार उसी दिन पहुंचते हैं। सुरक्षा के चलते अयोध्या में उनका प्रवेश कैसे होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।उन्होंने ने सुझाव दिया कि जिन 12 मंदिरों से राम बारात निकलती है, उन सभी को एक-एक नोडल अधिकारी दिया जाए जो पहचान पत्र देखकर संबंधित लोगों को प्रवेश की अनुमति दे सके। इससे न तो सुरक्षा व्यवस्था पर कोई असर पड़ेगा और न ही परंपरा बाधित होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण के बाद शाम को प्रभु श्रीराम की भव्य बारात अपने पारंपरिक स्वरूप में निकलेगी। बताते चलें कि जानकी महल को माता सीता का मायका भी कहा जाता है। हर वर्ष यहां से राम विवाह की बारात निकलती है और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनने आते हैं। इस बार भी भक्तजन उसी उल्लास के साथ अयोध्या आने को आतुर हैं।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें