Friday 1st of May 2026

ब्रेकिंग

संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: श्री राम के जीवन चरित्र से समाज को नई दिशा की तरफ ले जा सकते है: संध्या

बमबम यादव

Sun, Jul 28, 2024

हनुमान बाग मंदिर का छाया रामकथा का उल्लास, संत साधक लगा रहें गोता, जलाना पूना महाराष्ट्र के भक्तों से पटा हनुमान बाग

अयोध्या। रामनगरी के हनुमान बाग में श्री रामकथा महोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। व्यासपीठ से श्री रामकथा की अमृत वर्षा जलाना पूना से पधारी प्रख्यात कथावाचिका संध्या जी कर रही है।कथा के चतुर्थ दिवस में संध्या जी ने सभी भक्तों को राम कथा का रसपान बड़े ही मार्मिक एवं विस्तार से प्रसंग एवं संजीव झांकियो द्वारा करवा रही। उन्होंने बताया कि भगवान की सहज अवस्था बाल लीला के रूप में पूरे विश्व को एक नया दिग्दर्शन देता है जब भक्ति के पराभूत परमात्मा होता है तब वह बालक बन करके आता है।उन्होंने कहा कि भगवान ज्ञानी राजा के बुलाने पर भोजन करने नहीं आते पर जब कोई भक्त परमात्मा को पुकारता है तो भगवान नाचते हुए भक्तों के पास चले आते हैं। ब्रह्मम परमात्मा और भगवान तीनों एक ही तत्व है।निर्गुण वादी जिन्हें ब्रह्म कहते है विद्वान पंडित इन्हें परमात्मा कहते हैं और भक्त उन्हें भगवान कहते है। यह तीनों बातें ऐसे ही है जैसे बादल जल और बर्फ। संध्या जी ने भगवान श्री राम के बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया और कथा सुनाते हुए कहा कि एक ही तत्व के रूप में तीन अलग-अलग स्थानों पर अनुभव में आता है कि भगवान भक्ति के आधीन हो नरोत्तम लीला के लिए शरीर धारण करते है। भगवान अपने लीला के माध्यम से प्रत्येक लीला को अनुकरणीय रूप में प्रस्तुत करते है। उन्होंने कहा बाल्यकाल से मनुष्य का जीवन वैसा होना चाहिए जैसे भगवान श्री राम हमें सिखाते है। भगवान श्रीराम ने अपने श्रेष्ठ जनों के प्रति वंदन का भाव रखते है। प्रातःकाल उठिए कै रघुनाथा मात पिता गुरु नावई माथा। वर्तमान समय में हमें अपने बच्चों को अपने आराध्य श्री राम की जीवन चरित्र को पढ़ाना चाहिए जिससे वह हमारी संस्कृति और धर्म को अनुकरण में ला सकें और समाज को नई दिशा की तरफ ले जा सके। माता पिता भाई बंधु गुरु और देश काल परिस्थितियों से प्रेम कर सकें। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन कार्यक्रम के संयोजक श्याम जी लाखोटिया व जलाना पूना महाराष्ट्र के भक्तों ने किया। यह महोत्सव हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज के अध्यक्षता में हो रहा।महोत्सव की देखरेख सुनील दास व रोहित शास्त्री कर रहें।इस मौके पर मामा दास, लवकुश दास, महंत हरिभजन दास, पुजारी योगेंद्र दास, नितेश शास्त्री सहित सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें