दुल्हा सरकार के विवाह महोत्सव के लिए सजा जानकी महल : सीताराम विवाह महोत्सव में मिथिलांचल से उत्सव में सराबोर होगा श्री जानकी महल ट्रस्ट
admin
Wed, Nov 19, 2025
दुल्हा सरकार के विवाह महोत्सव के लिए सजा जानकी महल
सीताराम विवाह महोत्सव में मिथिलांचल से उत्सव में सराबोर होगा श्री जानकी महल ट्रस्ट
सीता-राम विवाहोत्सव हमारे लिए अतीत का घटनाक्रम ही नहीं, बल्कि जीवन में प्रतिपल प्रेरित होने का दिव्य सूत्र है: आदित्य सुल्तानिया
25 नवंबर को मारवाड़ी ठाट बाट से अगहन पंचमी पर निकलेगी दुल्हा सरकार की बारात
दुल्हा सरकार अपने अनुजों समेत बाराती देश के विभिन्न लजीज व्यंजनों का लुफ्त उठायेंगे, सेवा सत्कार के लिए तैयार जानकी महल ट्रस्ट
जानकी महल ट्रस्ट में हजारों लोगों को वस्त,कंबल, राशन व ऊनी कपड़े किया जायेगा वितरण
बनारस की शहनाई व राजस्थान की पगड़ी के साथ करीब आधा दर्जन बग्घियों व 3 बैंडबाजे के साथ दिल्ली की लाइटिंग की अद्वितीय व्यवस्था की गई है
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या में प्रतिदिन उत्साह और आनंद का माहौल रहता है। लेकिन विशेष पर्व पर यह उल्लास व उत्साह कई गुना बढ़ जाता है और भी क्यो न। प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के बाद उनके विवाहोत्सव का पर्व भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। तो वहीं इस बार का विवाहोत्सव और भी खास है। राममंदिर बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है जिसकी घोषणा व देश के नाम सम्बोधित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इसी के साथ राममंदिर में ध्वजारोहण का ऐतिहासिक कार्यक्रम हो रहा है।यह उत्सव अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। रामनगरी के जिन चुनिंदा मंदिरों में राम विवाहोत्सव पूरे भाव-चाव से मनाया जाता है इनमें श्रीजानकी महल ट्रस्ट वासुदेवघाट, अयाेध्या धाम है। यहां पर भगवान राम को दुल्हा सरकार के रुप में पूजते हैं। क्योंकि ये महल किशोरी जी का मायका है। दुल्हा सरकार की सेवा सत्कार जानकी महल ट्रस्ट करता है। ट्रस्ट का ये मुख्य उत्सव है। श्रीजानकी महल ट्रस्ट वासुदेवघाट, अयाेध्या धाम के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया ने बुधवार काे प्रेसवार्ता में बताया कि जानकी महल में भगवान श्री सीताराम के विवाह महाेत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में है। जिसमें देश के लगभग सभी प्रांताें से भक्तगण सम्मिलित हाे रहे हैं। भक्तजनों का उल्लास अपने चरमाेत्कर्ष पर है। भगवान श्री सीताराम के विवाहाेत्सव काे हम विवाह पंचमी के नाम से भी जानते हैं। जानकी महल में पांच दिनाें अर्थात आगामी 22 नवंबर से लेकर 26 नवंबर तक सीताराम विवाहाेत्सव का कार्यक्रम चलेगा। इसी क्रम में 22 नवंबर शनिवार काे सुबह 9 बजे श्रीरामार्चा महायज्ञ और सायंकाल 8 बजे गणेश पूजन संग सीताराम विवाह महाेत्सव का दिव्य-भव्य शुभारंभ हाे जायेगा। इसी दिन सायं 6 बजे माेहन सदन मंच में तीन दिवसीय रामलीला का मंचन शुरू हाेगा, जिसका 24 नवंबर तक मंचन किया जायेगा। अगले दिन 23 नवबंर रविवार को मध्यान्ह 2 बजे से फुलवारी लीला। उसके बाद सायं 4 बजे से वैवाहिक गीत का कार्यक्रम है। 24 नवंबर साेमवार काे प्रात: 10 बजे से हल्दात, तिलक एवं मेंहदी का कार्यक्रम है। इसी दिन सायं 8 बजे से बिनाैरी नेग का कार्यक्रम। 25 नवंबर मंगलवार को भगवान श्री सीताराम विवाहाेत्सव अर्थात विवाह पंचमी का मुख्य पर्व है। इस दिन सुबह 9 बजे न्याैछावरी नेग, उसके बाद मुकलावा नेग। फिर घुड़चढ़ी (बारात प्रस्थान) और विवाहाेत्सव का कार्यक्रम है। 26 नवंबर काे रात्रि 8 बजे छप्पन भोग और कुंवर कलेवा का कार्यक्रम है। उसके बाद पंच दिवसीय भगवान श्री सीताराम के विवाहाेत्सव का समापन हाे जायेगा। उन्होंने बताया कि जानकी महल में सीताराम विवाह महाेत्सव की तैयारियों काे बहुत ही व्यापक रूप दिया जा रहा है। जहां विवाहाेत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जानकी महल से 25 नवंबर काे रात्रि 8 बजे के बाद गाजे-बैंड बाजे, घाेड़े-बग्घी संग सुभव्य राम बारात निकाली जायेगी। जाे रामनगरी के मुख्य मार्गाें से हाेते हुए पुनः अपने गंतव्य जानकी महल काे वापस लाैटेगी। उसके बाद वहां विवाहाेत्सव से संबंधित अन्य रस्में पूरी की जायेंगी। महल में पूरी रात्रि विवाहाेत्सव का कार्यक्रम चलता रहेगा। जानकी महल में दशरथ दुलारे श्रीराम एवं जनक दुलारी श्रीकिशोरी जी दूल्हा-दुल्हन के रूप में विवाह मण्डप में पधारेंगे। सिय-पिय का यह मिलन महोत्सव सबको धन्याति धन्य बनायेगा। इस मधुर संयोग को देख मन विभोर होकर स्वतः कहेगा- बरनत छवि जंह तंह सब लाेगू। अवसि देखिये देखन जाेखू।। इस बार का सीताराम विवाहाेत्सव बेहद ही खास है। 25 नवंबर काे हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराममंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करने जा रहे हैं। आदित्य सुल्तानिया ने बताया कि श्रीअवध धाम में श्रीजानकी महल ट्रस्ट का एक विशिष्ट स्थान है, जिसकी स्थापना 1943 में हुई। यह किशोरी जी का महल है। जहां प्रभु श्रीराम जमाई राजा के रूप में विराजमान हैं और इसी रूप में उनकी पूजा हाेती है। जानकी महल में समस्त उत्सवों की सेवा मिथिला पद्धति से की जाती है। मिथिला गायन पद्धति से अष्टायाम भावपूर्ण सेवा श्रीसीताराम जी की प्रतिदिन होती है। यहाँ की विशिष्ट सेवा श्रीअयोध्या में अपनी अलग पहचान रखती है और जनमानस काे आकर्षित करती है। जहाँ अखण्ड श्री सीताराम नाम का संकीर्तन एवं हनुमान चालीसा का पाठ निरन्तर चलता है। गरीब निःसहाय लोगों के लिए अन्नक्षेत्र एवं धर्मार्थ चिकित्सालय ट्रस्ट की ओर से संचालित है यहाँ निःसहाय गरीब रोगियों को मुफ्त चिकित्सा एवं दवा उपलब्ध कराई जाती है। जहाँ गरीबों को प्रतिदिन भोजन दिया जाता है व गौ सेवा बृहद रूप से होती है तथा गौशाला की उत्कृष्ट व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा संचालित की जाती है। जानकीमहल के ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया के अनुसार सीता-राम विवाह हमारे लिए अतीत का घटनाक्रम ही नहीं बल्कि जीवन में प्रतिपल प्रेरित होने का दिव्य सूत्र है और इस आयोजन में हम कोई कसर नहीं छोड़े रखना चाहते। राम विवाहोत्सव के दौरान जानकीमहल में फुलवारी की प्रस्तुति आकर्षण की सबब होती है। जानकीमहल के मुख्य आगार के सम्मुख स्थापित मनोहारी फुलवारी को जनकपुर की उस फुलवारी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। जहां त्रेता में श्रीराम और सीता का पहली बार आमना-सामना हुआ था। इस मौके पर रामनगरी के प्रतिनिधि चुनिंदा संत धर्माचार्य भी आमंत्रित होते हैं जो श्रीराम के प्रसंग का आस्वाद ही नहीं लेते बल्कि अपनी वेश-भूषा और ध्यानियों जैसी भाव-भंगिमा से श्रीराम के गुरु तथा संरक्षक-मार्गदर्शक के रूप में ऋषि विश्वामित्र की याद भी दिलाते हैं।जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानियां बताते हैं कि यह स्थान किशोरी जी का मायका माना जाता है। राम जी को दूल्हा और किशोरी जी को बेटी मानकर वर्ष में एक बार जानकी महल की दहलीज विग्रह को पार कराया जाता है। बता दें कि गणेश भगवान को न्योता भेजकर विवाह उत्सव शुरू हो गया है। अंत में बताया कि आज जानकी महल ट्रस्ट का एक नया लाेगाे भी लांच किया गया है।कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्टी दिलीप सुल्तानिया, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया समेत पूरा जानकी महल परिवार लगा हुआ है।
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