Monday 5th of October 2026

ब्रेकिंग

गांधी पार्क से कचहरी तक निकला पैदल मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे किया मांग

महंत सुनील दास ने श्रीमहंत बृजमोहन दास पर कार्यों में बाधा डालने का लगाया आरोप, समिति अध्यक्ष ने किया समर्थन; प्रशासन से

रक्षा मंत्री ने उदासीन ऋषि आश्रम में नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण

भूपेद्र सिंह चौधरी ने हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज व महंत मामा दास का लिया आशीर्वाद 

समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होते है: श्रीमहंत जगदीश दास

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

गोवेश्वर महादेव मंदिर में संपन्न हुआ भव्य शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा : अयोध्या के हनुमानगढ़ी पीठ व प्रमुख अखाड़ों के संतों के सान्निध्य में गूंजे हर-हर महादेव के जयघोष

गोवेश्वर महादेव मंदिर में संपन्न हुआ भव्य शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

अयोध्या के हनुमानगढ़ी पीठ व प्रमुख अखाड़ों के संतों के सान्निध्य में गूंजे हर-हर महादेव के जयघोष

महोत्सव की अध्यक्षता धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज व संयोजन जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री नरेंद्राचार्य महाराज (नाणीज धाम) ने किया

अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमानगढ़ी के निर्वाणी अनि अखाड़ा, दिगंबर अखाड़ा व निर्मोही अखाड़ा के जगद्गुरु महामंडलेश्वर श्रीमहंतों व संतों के मार्गदर्शन में देवभूमि गोवा स्थित गोवेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

यह पावन आयोजन जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री नरेंद्राचार्य महाराज (नाणीज धाम) के संयोजन में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से संत-महंतों और श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। महोत्सव की अध्यक्षता धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज ने की।

प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन के साथ शिवलिंग की विधिवत स्थापना की गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम में सभी प्रमुख वैष्णव (रामानंदी) अखाड़ों के श्रीमहंत एवं सचिवों के साथ चतुर संप्रदाय के संतों ने सहभागिता की। संतों ने अपने उद्बोधन में सनातन धर्म की महत्ता, संत परंपरा की गरिमा और समाज में आध्यात्मिक जागरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का सशक्त केंद्र होता है।

जगद्गुरु नरेंद्राचार्य महाराज ने कहा कि भगवान शिव की आराधना से जीवन में शांति, शक्ति और सद्बुद्धि का संचार होता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। वहीं श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को धर्ममय दिशा प्रदान करते हैं और संत समाज का दायित्व है कि वह राष्ट्र व धर्म की सेवा में सदैव अग्रणी रहे।

महोत्सव के दौरान भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें संत-महंत रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर संतों का स्वागत किया। मंदिर परिसर को पुष्प सज्जा और आकर्षक विद्युत रोशनी से सुसज्जित किया गया था। प्रसाद वितरण और भंडारे में हजारों भक्तों ने भाग लिया।

इस अवसर पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य वैदेही बल्लभ जी, श्रीमहंत मुरली दास, श्रीमहंत वैष्णव दास, तीनों अनि के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास, महासचिव महंत नंदराम दास, महंत सत्यदेव दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, गद्दीनशीन के उत्तराधिकारी महंत डा. महेश दास, महंत गौरीशंकर दास, श्रृंगी ऋषि आश्रम पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास सहित बड़ी संख्या में साधु-संत उपस्थित रहे।

आयोजन समिति के अनुसार यह महोत्सव कई दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठानों का समापन था। प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना प्रारंभ हो गई है। गोवा की पावन धरा पर आयोजित इस आयोजन ने धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता को नई ऊर्जा प्रदान की।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें