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संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

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: वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा: बजरंग दास

बमबम यादव

Mon, Oct 21, 2024

आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला में श्रीमद्भागवत कथा की बह रही रसधार

श्रीमद्भागवत कथा आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मणकिला के युवा अधिकारी सूर्यप्रकाश शरण के संयोजन में हो रहा

अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला में कार्तिक मास के पावन अवसर पर सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा हो रही है। कथा के तृतीय दिवस राष्ट्रीय कथाव्यास एवं श्रीबाला जी सेवा धाम नागौर, राजस्थान पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य बजरंग दास महाराज ने कथा का विस्तार करते हुए कहा 5 वर्षीय अबोध बालक ध्रुव की तरह अविरल भक्ति जब साधक के मन में व्याप्त हो जाती है तब वह साधक भगवत धाम को प्राप्त करता है। महामंडलेश्वर आचार्य बजरंग दास जी ने पापी अजामिल की कथा का श्रवण कराते हुए कहा जन्म से ही पाप कर्म में लीन अजामिल प्रभु भक्ति में लीन संत जनों की कृपा पाकर के भगवान के धाम को प्राप्त करता है। वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा। मनुष्य जन्म को प्राप्त करके प्रभु के बताए हुए मार्ग का अनुसरण करके सभी साधक भक्तजन सभी सुखों को प्राप्त कर सकते हैं।स्वामीजी ने कहा कि हिरण्यकश्यप ने घोर तप किया ब्रह्मा जी से वरदान भी प्राप्त किया लेकिन साधक भक्तों के मन में यदि अभिमान व्याप्त हो जाता है तो वह साधक भक्त भी भक्ति मार्ग से अलग हो जाता है और पाप कर्म में लीन हो जाता है। हिरण्यकशिपु के पुत्र बालक प्रहलाद मां के गर्भ में ही देवर्षि नारद से नवधा भक्ति का श्रवण करने के प्रभाव से अनेकों यातनाएं पिता से पाकर भी भक्ति मार्ग को नहीं छोड़ते हैं। प्रह्लाद जी की दृढ़ भक्ति को देख कर भगवान भक्त प्रहलाद को बचाने नरसिंह रूप धारण करके दुष्ट हिरण्यकशिपु का वध करते हैं। सुखदेव जी महाराज से कथा का श्रवण करके राजेंद्र परीक्षित जी का विश्वास और भी दृढ़ हो गया। श्रीमद्भागवत कथा आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मणकिला के युवा अधिकारी सूर्यप्रकाश शरण महाराज के संयोजन में हो रहा है। इससे पहले कथा के यजमान ने व्यासपीठ की दिव्य आरती उतारी। अंत में कथा विश्राम पर प्रसाद वितरित हुआ। इस अवसर पर हजारों भक्तजनों ने कथा का श्रवण कर अपना जीवन धन्य बनाया।

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